Aim of Rajasthan Sangeet Academy

राजस्थान संगीत अकादमी का उद्देश्य

  • To preserve and encourage the art-culture of the state by coordinating the activities of its affiliated bodies working in different parts of Rajasthan.
  • To encourage exchange of forms and techniques prevalent in different parts of Rajasthan in respect of dance, drama and music.
  • To publish creative literature on dance, drama and music while promoting research in the field of Indian dance, drama and music.
  • To collaborate with similar institutions to further their objectives and to promote Indian culture as a whole.
  • To encourage performance and training of traditional and modern dramas in Rajasthan and to organize workshops, seminars etc. for exchange of ideas.
  • To promote the establishment of institutions for imparting training in the art of theatre, including the development, study and production of stage art.
  • To promote the education of dance, drama and music.
  • To encourage higher studies and research work in dance, drama and music.
  • To encourage creation of new plays and provide opportunities for staging by providing grants and training.
  • To encourage and develop children's theatre, to organize children's theater training camps and staging in the state.
  • To conduct various action plans for art forms related to the aim of reviving and preserving the traditions of traditional folk dance and folk music in Rajasthan.
  • To encourage classical singing, playing and dancing art in the state and to conduct various work plans with the aim of taking this art to the masses.
  • To encourage established and prestigious artists of the state by giving them honors and awards.
  • To promote cultural exchange in the field of dance, drama and music with other states.
  • To encourage domestic and foreign scholars to study the culture and arts of Rajasthan.
  • To organize cultural exchange programs with other countries with the consent of the Government of Rajasthan.

  • राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत अपने संबद्ध निकायों की गतिविधियों का समन्वय करते हुए प्रदेष की कला-संस्कृति को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना।
  • नृत्य, नाटक और संगीत के संबंध में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों के बीच प्रचलित प्रकारों और तकनीकों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना।
  • भारतीय नृत्य, नाटक और संगीत के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देते हुए नृत्य, नाटक और संगीत पर रचनात्मक साहित्य प्रकाशित करना।
  • अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और समग्र रूप से भारतीय संस्कृति के संवर्धन के लिए समान संस्थानों के साथ सहयोग करना।
  • राजस्थान में पारम्परिक एवं आधुनिक नाटकों के प्रदर्षन व प्रषिक्षण को प्रोत्साहित करना एवं विचारों के आदान-प्रदान के लिए कार्यशालाएँ, सेमिनार आदि आयोजित करना।
  • मंचीय कला के विकास, अध्ययन तथा नाटकों के निर्माण सहित थिएटर की कला में प्रशिक्षण प्रदान करने वाले संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा देना।
  • नृत्य, नाटक और संगीत की शिक्षा को बढ़ावा देना।
  • नृत्य, नाटक और संगीत में उच्च अध्ययन और अनुसंधान कार्यों के लिए प्रोत्साहित करना।
  • अनुदान और प्रशिक्षण प्रदान करते हुए नए नाटकों के निर्माण को प्रोत्साहित करना तथा मंचन के अवसर प्रदान करना।
  • बाल रंगमंच को प्रोत्साहित एवं विकसित करने के उद्देष्य से प्रदेष में बाल नाट्य प्रषिक्षण षिविरों व मंचन के आयोजन करना।
  • राजस्थान में पारम्परिक लोक नृत्य और लोक संगीत की परंपराओं को पुनर्जीवित और संरक्षित करने के ध्येय से संबंधित कला विधाओं के लिए विभिन्न कार्ययोजना संचालित करना।
  • प्रदेष में शास्त्रीय गायन, वादन एवं नृत्य कला को प्रोत्साहित करने तथा इस कला को जन-जन में पहुँचाने के ध्येय से विभिन्न कार्य योजनाएं संचालित करना।
  • प्रदेष के स्थापित एवं प्रतिष्ठित कलाकारों को सम्मान एवं पुरस्कार प्रदान कर उनकों प्रोत्साहित करना।
  • अन्य राज्यों के साथ नृत्य, नाटक और संगीत के क्षेत्र में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना।
  • राजस्थान की संस्कृति और कलाओं पर अध्ययन करने के लिए देशी और विदेशी विद्वानों को प्रोत्साहन देना।
  • राजस्थान सरकार की सहमति से अन्य देशों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम करना।